Sunday, September 7, 2014

बिहार प्रेम का एक गीत

जय जय हे बिहार



- डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल

नित आलोकित जन मन जय जय हे बिहार |
सबको करे प्रफुल्लित जय जय हे बिहार |

नालंदा चाणक्य तथागत महावीर
गंडक फल्गू सोन कौशिकी के सुनीर
दिव्य बोध गौरव के भरते सद्विचार |

विद्यापति राजेंद्र भिखारी ठाकुर स्वर
तप से विश्वामित्र करें मन प्राण अमर
तन मन चंगा,गंगा हरती सब विकार |

सद्भावना परिश्रम न्याय बने संबल
प्रगति धार में नर नारी सम और सबल
सबमें सबके लिए प्रेम की मृदुल धार |
_____________________

साभार- जागरण जंक्शन डॉट कॉम


No comments:

Post a Comment