जय जय हे बिहार
- डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल
नित आलोकित जन मन जय जय हे बिहार |
सबको करे
प्रफुल्लित जय जय हे बिहार |
नालंदा चाणक्य तथागत महावीर
गंडक फल्गू सोन
कौशिकी के सुनीर
दिव्य बोध गौरव
के भरते सद्विचार |
विद्यापति राजेंद्र भिखारी ठाकुर स्वर
तप से विश्वामित्र
करें मन प्राण अमर
तन मन चंगा,गंगा हरती सब विकार |
सद्भावना परिश्रम न्याय बने संबल
प्रगति धार में
नर नारी सम और सबल
सबमें सबके लिए
प्रेम की मृदुल धार |
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साभार- जागरण जंक्शन
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