जय जय हे बिहार
- डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल
नित आलोकित जन मन जय जय हे बिहार |
नित आलोकित जन मन जय जय हे बिहार |
सबको करे प्रफुल्लित जय जय हे बिहार |
नालंदा चाणक्य तथागत महावीर
गंडक फल्गू सोन कौशिकी के सुनीर
दिव्य बोध गौरव के भरते सद्विचार |
विद्यापति राजेंद्र भिखारी ठाकुर स्वर
तप से विश्वामित्र करें मन प्राण अमर
तन मन चंगा,गंगा हरती सब विकार |
सद्भावना परिश्रम न्याय बने संबल
प्रगति धार में नर नारी सम और सबल
सबमें सबके लिए प्रेम की मृदुल धार |
(जनवरी, 2011)
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